देवरिया में 63 सफाई कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई, संबद्धता खत्म
देवरिया में 63 सफाई कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई, संबद्धता खत्म
मूल तैनाती वाले गांव में ही देनी होगी सेवा, उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेतन
देवरिया, उत्तर प्रदेश।
जिले में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 63 सफाई कर्मियों की संबद्धता समाप्त कर दी है। ये सफाई कर्मचारी अपनी मूल तैनाती वाले राजस्व ग्राम के बजाय अन्य स्थानों पर संबद्ध होकर ड्यूटी कर रहे थे। प्रशासनिक स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद अब इन सभी कर्मचारियों को अपनी मूल तैनाती वाले राजस्व ग्राम में वापस जाकर ही ड्यूटी करनी होगी।
बताया जा रहा है कि सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कर्मचारियों की तैनाती एवं कार्यस्थल की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान ऐसे सफाई कर्मियों की जानकारी सामने आई, जो अपनी मूल तैनाती वाले गांव से अलग स्थानों पर संबद्ध होकर कार्य कर रहे थे।
संबद्धता समाप्त, अब मूल गांव में करनी होगी ड्यूटी
प्रशासन के निर्देश के बाद 63 सफाई कर्मियों की संबद्धता समाप्त कर दी गई है। अब संबंधित कर्मचारियों को उनके मूल राजस्व ग्राम में भेजा जाएगा। वहां उन्हें नियमित रूप से सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
इस कार्रवाई से उन गांवों में भी सफाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, जहां सफाई कर्मियों की कमी के कारण नियमित साफ-सफाई प्रभावित हो रही थी।
उपस्थिति पर रहेगी विशेष नजर
कार्रवाई के साथ ही कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अब वेतन भुगतान को उनकी वास्तविक उपस्थिति और कार्य के आधार से जोड़े जाने की बात कही गई है।
इससे कर्मचारियों की मनमानी पर रोक लगाने और गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गांवों में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन की इस कार्रवाई को ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मूल तैनाती वाले गांवों में कर्मचारियों की वापसी से ग्रामीण इलाकों में नियमित सफाई, नालियों की सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश भी गया है कि सरकारी कर्मचारी जिस स्थान पर तैनात हैं, वहां उनकी जिम्मेदारी निभाना आवश्यक है। बिना उचित कारण अथवा अनुमति के अन्य स्थान पर संबद्ध होकर ड्यूटी करने की व्यवस्था को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब निगरानी की चुनौती
63 कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यह होगी कि सभी कर्मचारी अपनी मूल तैनाती वाले राजस्व ग्राम में वास्तव में नियमित रूप से ड्यूटी करें। इसके लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और उपस्थिति व्यवस्था को प्रभावी बनाना जरूरी होगा।
यदि कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होती है, तो इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था और आम जनता को मिल सकता है।
देवरिया प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है