खाद वितरण में गड़बड़ी पर सख्त हुए डीएम मधुसूदन हुल्गी, सात सहकारी समितियों पर औचक जांच के निर्देश
खाद वितरण में गड़बड़ी पर सख्त हुए डीएम मधुसूदन हुल्गी, सात सहकारी समितियों पर औचक जांच के निर्देश
निर्धारित दर से अधिक वसूली, कालाबाजारी और घटतौली करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, सात जनपद स्तरीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
देवरिया, 07 नवंबर। किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली अथवा खाद की तौल में घटतौली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वाले समितियों और विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बरहज एवं भलुअनी विकासखंड की सात बी-पैक्स (सहकारी) समितियों पर उर्वरक वितरण व्यवस्था की औचक जांच कराने के लिए सात जनपद स्तरीय अधिकारियों को नामित किया है। इस संबंध में उन्होंने बरहज में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने नामित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों की समितियों पर पहुंचकर विभिन्न प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता, वास्तविक स्टॉक, वितरण व्यवस्था तथा किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराए जाने की स्थिति का बारीकी से सत्यापन करें। इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध उर्वरक का मिलान कर किसी भी संभावित अनियमितता की जांच करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी सहकारी समितियां निर्धारित नियमों एवं मानकों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से उर्वरक का वितरण सुनिश्चित करें। खाद की बिक्री में मनमानी, अधिक कीमत वसूलने या किसानों का शोषण करने की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से डीएम की अपील—अधिक कीमत न दें, शिकायत जरूर करें
जिलाधिकारी ने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय निर्धारित सरकारी मूल्य का ही भुगतान करें। खाद लेते समय उसकी मात्रा और वजन की भी विशेष रूप से जांच करें। यदि कोई सहकारी समिति या निजी विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि की मांग करता है अथवा खाद की तौल में घटतौली करता है, तो किसान इसकी शिकायत तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस पहल को खाद वितरण व्यवस्था पर निगरानी मजबूत करने और किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
