देवरिया में निराश्रितों और बेघर लोगों के संरक्षण के लिए जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स सक्रिय, CDO की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
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देवरिया | उत्तर प्रदेश
देवरिया में निराश्रितों और बेघर लोगों के संरक्षण के लिए जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स सक्रिय, CDO की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
सड़क, फुटपाथ, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर रहने वाले असहाय लोगों का होगा चिन्हांकन, जरूरतमंदों को आश्रय, चिकित्सा और पुनर्वासन की मिलेगी सुविधा
देवरिया, 03 नवंबर 2026।
जनपद में सड़कों, फुटपाथों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस और निराश्रित जीवन व्यतीत कर रहे लोगों को सुरक्षा, संरक्षण और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, देवरिया में जिला स्तरीय संयुक्त समिति रेस्क्यू टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में योजित पीआईएल संख्या-571/2024, ज्योति राजपूत बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन में आयोजित की गई।
बैठक में टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को उनके दायित्वों एवं कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी श्री जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बेघर व्यक्तियों, मानसिक रूप से बीमार एवं दिव्यांग व्यक्तियों तथा असहाय और निराश्रित लोगों को आवश्यक देखभाल एवं संरक्षण उपलब्ध कराना है। जिला परिवीक्षा अधिकारी ने बताया कि भिक्षावृत्ति में शामिल व्यक्तियों को भी इस अभियान के अंतर्गत चिन्हित किया जाएगा।
शहर के प्रमुख स्थानों पर होगा निराश्रितों का चिन्हांकन
समिति द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, अस्पतालों, रेलवे परिसरों, बस स्टेशनों, टैक्सी स्टैंड, मुख्य बाजारों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी सूचना उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसमें महिला, पुरुष, बच्चे एवं थर्ड जेंडर सहित मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग तथा अकेले जीवनयापन कर रहे असहाय व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा।
जरूरतमंदों को उनकी आयु के अनुसार मिलेगा आश्रय
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों एवं अन्य निराश्रित व्यक्तियों को उनकी आयु और आवश्यकता के अनुसार संबंधित सरकारी संस्थाओं में आवासित कराया जाए।
इसके लिए निम्नलिखित व्यवस्था निर्धारित की गई है—
– 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे: राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण, देवरिया।
– 6 से 10 वर्ष तक के बच्चे: राजकीय शिशु गृह, प्रयागराज।
– 10 से 18 वर्ष तक के बालक: राजकीय बाल गृह (बालक), देवरिया।
– 10 से 18 वर्ष तक की बालिकाएं: वन स्टॉप सेंटर, देवरिया।
– वृद्धजन: समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, देवरिया।
इसके अतिरिक्त 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को महिला कल्याण विभाग, दिव्यांग एवं मानसिक रूप से प्रभावित बच्चों को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा वृद्धजनों को समाज कल्याण विभाग की संबंधित संस्थाओं के माध्यम से संरक्षण एवं आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
चिकित्सा और पुनर्वासन की भी होगी व्यवस्था
रेस्क्यू किए गए जरूरतमंद व्यक्तियों को चिकित्सा सुविधा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों से संबंधित मामलों को बाल कल्याण समिति, देवरिया के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
वहीं, 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के पुनर्वासन के लिए संबंधित क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में नगर मजिस्ट्रेट अथवा अपर नगर मजिस्ट्रेट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचनाओं का होगा त्वरित आदान-प्रदान
मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त समिति जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स एवं निराश्रित व्यक्तियों के चिन्हांकन के लिए अलग से व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए। इससे विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सकेगा तथा जरूरतमंद व्यक्तियों तक समय से रेस्क्यू टीम पहुंच सकेगी।
कई विभागों के अधिकारी ऑनलाइन बैठक में रहे मौजूद
बैठक में उपजिलाधिकारी देवरिया सदर, रुद्रपुर, बरहज, सलेमपुर एवं भाटपाररानी, क्षेत्राधिकारी नगर, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका देवरिया, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, नामित चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी पथरदेवा, लार, भटनी एवं बनकटा, पुलिस उपाधीक्षक, थानाध्यक्ष महिला थाना सहित अन्य नामित सदस्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।
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